देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के 15 से ज्यादा शहरों में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। कई इलाकों में सड़कें नदियों में तब्दील हो गई हैं, तो कहीं घरों और दुकानों में पानी घुस गया है।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में रविवार रात से जारी मूसलाधार बारिश के चलते प्रशासन ने नर्सरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के सभी स्कूल बंद कर दिए हैं। भोपाल के अलावा रायसेन, उज्जैन और देवास समेत कई इलाकों में भारी बारिश से जलभराव की स्थिति बनी हुई है। निचले इलाकों में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजस्थान में भी बारिश ने जमकर कहर बरपाया है। जयपुर का कानोता डैम और झालावाड़ का कालीखाड़ डैम ओवरफ्लो हो गया है। बीकानेर के श्रीडूंगरगढ़ में सड़कों पर दो से तीन फीट तक पानी भर गया। वहीं बाड़मेर में रेलवे स्टेशन, सब्जी मंडी और हॉस्पिटल रोड समेत कई प्रमुख इलाके जलमग्न हो गए हैं। कई जगह पानी दुकानों और घरों के अंदर तक पहुंच गया है।
यूपी में भी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। गंगा-यमुना समेत करीब 10 नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। फर्रुखाबाद और बिजनौर में गंगा का पानी हाईवे तक पहुंच गया है, जबकि कई सड़कें पूरी तरह डूब गई हैं। करीब 40 गांव बाढ़ की चपेट में बताए जा रहे हैं और प्रभावित लोग सड़कों पर टेंट लगाकर रहने को मजबूर हैं।
काशी में भी गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है। 84 घाटों को जोड़ने वाले रास्ते जलमग्न हैं और गंगा का पानी मणिकर्णिका घाट तक पहुंच गया है।
बारिश और बाढ़ के इन हालातों के बीच प्रशासन की चुनौतियां बढ़ गई हैं। लोगों से अपील की जा रही है कि वे जलभराव और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहें और जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकलें।
एमपी से राजस्थान और यूपी तक पानी का प्रहार जारी है। लगातार बारिश ने कई शहरों की रफ्तार रोक दी है और अब सबसे बड़ी चिंता लोगों की सुरक्षा और निचले इलाकों में बढ़ता जलस्तर है।







