वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए भीषण स्पीडबोट हादसे में जान गंवाने वाले 15 भारतीय पर्यटकों के शव आखिरकार मंगलवार को उनके गृह राज्यों में पहुंच गए। इस हादसे ने कई परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। एयरपोर्ट पर जैसे ही ताबूत पहुंचे, परिजनों का दर्द छलक पड़ा और माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया।
मृतकों में 10 लोग तमिलनाडु, 3 आंध्र प्रदेश और 2 केरल के रहने वाले थे। वहीं हादसे में घायल एक भारतीय पर्यटक का इलाज अब भी अस्पताल में जारी है, जबकि बाकी सभी लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है।
बताया जा रहा है कि 12 जुलाई को 32 भारतीय पर्यटक और चालक दल के 4 स्थानीय सदस्य स्पीडबोट से फु क्वोक द्वीप के प्रसिद्ध पर्यटन क्षेत्र होन मे रुट न्गोआई से लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक नाव असंतुलित होकर पलट गई। देखते ही देखते खुशी का यह सफर चीख-पुकार में बदल गया और कई जिंदगियां लहरों में समा गईं।
हादसे के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल ने तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया। घंटों की मशक्कत के बाद कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन 15 भारतीय पर्यटकों को बचाया नहीं जा सका।
इस बीच वियतनाम स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। ईश्वर इस कठिन समय में सभी परिजनों को दुख सहने की शक्ति प्रदान करे।
यह हादसा एक बार फिर याद दिलाता है कि पर्यटन के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है। जो परिवार अपने प्रियजनों के साथ यादगार पल बिताने निकले थे, वे अब अपनों की यादों के सहारे जिंदगी बिताने को मजबूर हैं।
फिलहाल पूरे देश की संवेदनाएं उन परिवारों के साथ हैं, जिन्होंने इस दर्दनाक हादसे में अपने अपनों को हमेशा के लिए खो दिया।







