रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के बैग चीरकर लाखों की चोरी करने वाले कुख्यात सांसी गैंग के एक बड़े बदमाश को भोपाल रेल पुलिस ने आखिरकार 11 साल बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर देशभर में 15 स्थायी और गिरफ्तारी वारंट लंबित थे और उसकी गिरफ्तारी पर 54 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस का दावा है कि यह गिरफ्तारी लंबे समय से चल रहे अभियान की बड़ी सफलता है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरियाणा के भिवानी निवासी 40 वर्षीय सत्यभान सांसी उर्फ सत्यभान के रूप में हुई है। वह कुख्यात सांसी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है। आरोपी पिछले 11 वर्षों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। उसके खिलाफ 13 वारंट भोपाल जीआरपी और 2 वारंट इटारसी जीआरपी में दर्ज थे। लगातार ठिकाने बदलने के कारण वह पुलिस की पकड़ से दूर था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सांसी गैंग ट्रेनों के जनरल और स्लीपर कोच को निशाना बनाता था। गिरोह के सदस्य यात्रियों के बैग और वॉलीबैग पर ब्लेड या चाकू से चीरा लगाकर नकदी, जेवरात और अन्य कीमती सामान चुरा लेते थे। वारदात इतनी सफाई से की जाती थी कि कई यात्रियों को चोरी का पता ट्रेन से उतरने के बाद चलता था।
पुलिस के मुताबिक यह गैंग मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और असम समेत छह राज्यों में सक्रिय रहा है। आरोपी के खिलाफ कई राज्यों में चोरी और रेल अपराधों के मामले दर्ज हैं। अब भोपाल रेल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और पुराने मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
11 साल तक कानून की पकड़ से बचता रहा यह शातिर आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया है। पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरफ्तारी से सांसी गैंग के कई पुराने मामलों का खुलासा होगा और रेलवे यात्रियों को निशाना बनाने वाले पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सकेगा।







