अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी अनुकल्प मिश्रा, उसके जीजा लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय के घरों पर तलाशी ली है। इस दौरान करीब 10 लाख रुपये कीमत के सोने के जेवर और लगभग 2 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया है कि कौन-सी बरामदगी किस आरोपी के घर से हुई।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी अनुकल्प मिश्रा की स्विफ्ट कार भी जब्त कर ली है। गुरुवार सुबह पुलिस उसे उसके घर लेकर पहुंची, जहां करीब 20 मिनट तक तलाशी अभियान चला और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। इससे पहले अन्य आरोपियों के घरों पर भी इसी तरह की कार्रवाई की जा चुकी है।
मामले की जांच अब सिर्फ चोरी तक सीमित नहीं रही। पुलिस ने आरोपियों से जुड़े करीब 30 बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। शुरुआती जांच में इन खातों में आय के मुकाबले संदिग्ध और अधिक लेन-देन मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने बताया कि कथित तौर पर चोरी की रकम का इस्तेमाल शेयर मार्केट में निवेश करने और लोगों को ब्याज पर पैसा देने के लिए किया जाता था। आरोप है कि रकम रिश्तेदारों और करीबी लोगों के खातों के जरिए इधर-उधर ट्रांसफर की जाती थी, ताकि लेन-देन पर शक न हो। जांच एजेंसियों को कथित तौर पर फर्जी चंदा रसीदें भी मिली हैं, जिनकी जांच जारी है।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि इस कथित गड़बड़ी में और कौन-कौन लोग शामिल थे, चोरी की कुल रकम कितनी थी और उसे किन-किन माध्यमों से इस्तेमाल किया गया। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।







