इंदौर से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। जिला अदालत ने पत्नी की हत्या के दोषी बैंक अधिकारी अमितेष उर्फ शालू पटेरिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह मामला सिर्फ हत्या का नहीं, बल्कि बेहद सुनियोजित और खौफनाक साजिश का उदाहरण बन गया।
जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी शिवानी की हत्या को प्राकृतिक सर्पदंश साबित करना चाहता था। इसके लिए वह इंदौर से करीब 620 किलोमीटर दूर राजस्थान के अलवर पहुंचा और वहां से करीब 30 हजार रुपए में ब्लैक डेजर्ट प्रजाति का कोबरा लेकर आया। बताया गया कि उसने इस जहरीले सांप को 11 दिनों तक घर में छिपाकर रखा और सही मौके का इंतजार करता रहा।
वारदात वाले दिन आरोपी ने पहले तकिए से पत्नी का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने कोबरा को भी मार डाला और उसके दांत पत्नी के हाथ में गड़ा दिए, ताकि मौत को सर्पदंश का मामला दिखाया जा सके। लेकिन आरोपी की यह चाल ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि महिला की मौत जहरीले सांप के काटने से नहीं, बल्कि दम घुटने से हुई थी। इसी मेडिकल रिपोर्ट ने पूरी साजिश की परतें खोल दीं और पुलिस जांच सही दिशा में आगे बढ़ी।
करीब साढ़े छह साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी को हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा कोबरा की हत्या करने के मामले में तीन साल की कैद और 25 हजार रुपए का जुर्माना, जबकि साक्ष्य मिटाने के अपराध में भी दो साल की अतिरिक्त सजा सुनाई गई।
यह मामला दिखाता है कि अपराध कितना भी सुनियोजित क्यों न हो, वैज्ञानिक जांच और कानून की पकड़ से बच पाना आसान नहीं है। आखिरकार, एक खौफनाक साजिश का सच सामने आया और अदालत ने दोषी को उसके अपराध की सजा सुना दी।







