मानसून अब राहत नहीं, बल्कि कई राज्यों के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। जम्मू-कश्मीर से लेकर महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश तक लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
सबसे पहले बात जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले की, जहां ऊपरी पहाड़ी इलाके में अचानक बादल फटने से तेज़ बाढ़ आ गई। देखते ही देखते पहाड़ों से भारी मात्रा में पत्थर और मलबा नीचे आ गया। कई घर और दुकानें इसकी चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं, जबकि सड़कों पर खड़े वाहन मलबे में दब गए। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाकों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उधर महाराष्ट्र में भी बारिश का कहर लगातार जारी है। मुंबई में पिछले 48 घंटों के दौरान लगभग 380 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा के मद्देनज़र मुंबई के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। नासिक में भी शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए हैं, जबकि त्र्यंबकेश्वर मंदिर और प्रसिद्ध सप्तश्रृंगी मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
वहीं मध्य प्रदेश में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। पिछले 24 घंटों में 35 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। खजुराहो में सबसे ज्यादा 4.4 इंच बारिश हुई, जबकि बमीठा में नेशनल हाईवे-39 पर करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। बालाघाट जिले में महाराष्ट्र सीमा से लगी बाघ नदी उफान पर आ गई। तेज बहाव में पुल निर्माण में लगी क्रेन, जेसीबी, लोडर और अन्य मशीनें नदी में बह गईं, जिससे निर्माण कार्य पूरी तरह ठप हो गया।
फिलहाल मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों से अपील है कि अनावश्यक यात्रा से बचें, प्रशासन की सलाह का पालन करें और सतर्क रहें। देशभर में मानसून का यह दौर अभी और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है।







