अमरनाथ धाम से इस समय एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने लाखों श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। बाबा बर्फानी के पवित्र हिम शिवलिंग का आकार अब काफी छोटा होकर लगभग एक फीट रह गया है। यात्रा शुरू होने के महज तीन दिन बाद ही शिवलिंग का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा पिघलने की खबर सामने आने के बाद कई लोगों के मन में सवाल उठ रहे हैं। हालांकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, प्राकृतिक कारणों से हर वर्ष शिवलिंग का आकार बनता और घटता रहता है, इसलिए श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है।
इसी का सबसे बड़ा प्रमाण है कि इस वर्ष अमरनाथ यात्रा की शुरुआत बेहद उत्साहजनक रही है। 3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा के पहले तीन दिनों में ही 56 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 18.6 प्रतिशत अधिक बताई जा रही है। पिछले साल शुरुआती तीन दिनों में करीब 47 हजार 972 श्रद्धालु ही दर्शन के लिए पहुंचे थे, जबकि इस बार आंकड़ा तेजी से बढ़ा है।
यात्रा कुल 57 दिनों तक चलेगी और इस बार पहले से ही लगभग 4 लाख श्रद्धालु अपना पंजीकरण करा चुके हैं। सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और यात्रा मार्ग पर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम में बदलाव और तापमान बढ़ने के कारण हिम शिवलिंग के आकार पर असर पड़ता है। वहीं श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा बर्फानी का स्वरूप चाहे छोटा हो या बड़ा, उनकी आस्था और विश्वास हमेशा अटूट रहेगा।
फिलहाल अमरनाथ यात्रा पूरी श्रद्धा, उत्साह और सुरक्षा के बीच जारी है। आने वाले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।







