एक मां… हाथों में अपनी बेटी की अस्थियां… आंखों में आंसू… और दिल में इंसाफ की उम्मीद लेकर करीब 1000 किलोमीटर का सफर तय कर गुजरात से जबलपुर पहुंची। यह कहानी सिर्फ एक मौत की नहीं, बल्कि उन सवालों की है जिनके जवाब अब तक नहीं मिले हैं।
मामला गुजरात के वलसाड का है, जहां जबलपुर जिले के ग्राम पौड़ा निवासी पिंकी नामदेव की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। शुरुआती तौर पर इसे रेल हादसा माना गया, लेकिन अब मृतका की मां ने इसे हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
मां का कहना है कि उसकी बेटी को उसके पति यानी दामाद ने ट्रेन के सामने धक्का देकर मार डाला। इतना ही नहीं, आरोप है कि घटना के बाद दामाद ने अस्थियां छीनने की कोशिश की और दोनों बच्चों को जान से मारने की धमकी भी दी।
परिजनों का दावा है कि उन्होंने गुजरात पुलिस से कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से बुजुर्ग मां बेटी की अस्थियां लेकर जबलपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई।
जानकारी के मुताबिक, पिंकी और महेंद्र नामदेव ने वर्ष 2014 में परिवार की सहमति से प्रेम विवाह किया था। दोनों सिलाई का काम करते थे और बेहतर रोजगार की तलाश में 2018 में गुजरात के वलसाड चले गए, जहां एक कंपनी में नौकरी कर रहे थे। लेकिन अब यह परिवार गहरे संकट और विवाद में घिर गया है।
जबलपुर पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात पुलिस से संपर्क किया जा रहा है और जांच में हर संभव सहयोग दिया जाएगा। हालांकि, मौत हादसा थी या हत्या, इसका अंतिम फैसला जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
फिलहाल एक मां अपनी बेटी के लिए इंसाफ की मांग कर रही है और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि जांच में आखिर सच क्या निकलकर सामने आता है।







