उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर से शनिवार सुबह एक चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं और आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया।
सुबह करीब 6 बजकर 44 मिनट पर मंदिर के वीआईपी गेट नंबर-4 के पास ड्यूटी पर तैनात एक पीएसी जवान की कार्बाइन से अचानक दो राउंड फायर हो गए। राहत की बात यह रही कि गोलियां किसी व्यक्ति को सीधे नहीं लगीं, बल्कि सड़क पर जा लगीं। हालांकि, गोलियों के सड़क से टकराने पर पत्थर और गिट्टी उखड़कर आसपास खड़े तीन लोगों को जा लगे, जिससे वे घायल हो गए।
घायलों की पहचान निक्की गुप्ता, रामबाबू और विकास यादव के रूप में हुई है। ये तीनों मंदिर के बाहर माला-फूल बेचने का काम करते हैं। उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उनकी हालत खतरे से बाहर है। दो लोगों के हाथ में और एक व्यक्ति की कमर में पत्थर के टुकड़े लगने से चोट आई है।
घटना का 57 सेकंड का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दिखाई देता है कि पीएसी जवान पहले कार्बाइन बाएं हाथ में पकड़े हुए था, फिर उसने उसे दाहिने हाथ में लिया। इसी दौरान कार्बाइन का मुंह सड़क की ओर था और अचानक फायर हो गया। गोली चलने की आवाज सुनकर जवान खुद भी घबरा जाता है और अपनी कार्बाइन को देखने लगता है।
फायरिंग की आवाज सुनते ही मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा बल तुरंत सक्रिय हो गए। कुछ पल के लिए श्रद्धालुओं में दहशत का माहौल बन गया, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल स्थिति संभाली और लोगों को बताया कि यह कोई आतंकी हमला नहीं, बल्कि कार्बाइन से हुई आकस्मिक फायरिंग थी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है कि कार्बाइन से अचानक फायर कैसे हुआ। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था और हथियारों की हैंडलिंग को लेकर भी जांच के आदेश दिए गए हैं। सौभाग्य से इस घटना में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इसने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई अहम सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।







