पंजाब के मोहाली से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। अपने तीन मासूम बच्चों को नहर में फेंकने के आरोप में गिरफ्तार मां शकुंतला जब बच्चों के अंतिम संस्कार में पहुंची, तो वहां मौजूद लोगों और परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार के लोगों ने उसे बच्चों का अंतिम दर्शन तक नहीं करने दिया और साफ शब्दों में कहा कि जिसने मासूमों की जान ली, उसे उनका चेहरा देखने का कोई अधिकार नहीं है।
बताया जा रहा है कि शकुंतला अपने भाई और भाभी के साथ ऑटो से श्मशान घाट पहुंची थी। लेकिन जैसे ही लोगों ने उसे देखा, माहौल भावुक होने के साथ-साथ तनावपूर्ण भी हो गया। परिजनों ने उसे अंतिम संस्कार से दूर रखा और वहां से वापस भेज दिया।
वहीं शकुंतला का कहना है कि उसने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। उसका दावा है कि उसने खुद भी बच्चों के साथ नहर में छलांग लगाई थी, लेकिन आसपास मौजूद लोगों ने उसे समय रहते बाहर निकाल लिया, जिससे उसकी जान बच गई। उसने यह भी आरोप लगाया कि पति कमल की मौत के बाद ससुराल पक्ष लगातार उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। देवर, सास, ससुर, ननद और नंदोई पर उसने मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।
शकुंतला का कहना है कि उसने कई लोगों और गांव के प्रधान से भी मदद मांगी, लेकिन कहीं से कोई सहायता नहीं मिली। इसी मानसिक तनाव के बीच उसने यह भयावह कदम उठा लिया।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एक तरफ तीन मासूम बच्चों की मौत से परिवार और समाज में गहरा दुख और आक्रोश है, तो दूसरी ओर महिला के लगाए गए प्रताड़ना के आरोपों की भी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही इस दर्दनाक घटना के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।







