छतरपुर जिले के चंदला थाना क्षेत्र के ग्राम बरुआ में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। गैस सिलेंडर में अचानक हुए रिसाव ने कुछ ही पलों में रसोई को आग के गोले में बदल दिया। हादसे के वक्त घर में खाना बना रहीं तीन सगी बहनें वंदना रजक, रोशनी रजक और उमाकांति रजक भीषण आग की चपेट में आ गईं।
परिजनों और ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह किए बिना तीनों बहनों को आग से बाहर निकालकर तुरंत अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों के मुताबिक तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उनका इलाज जारी है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे गांव में मातम और चिंता का माहौल है।
आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते मूलचंद रजक का पूरा मकान जलकर राख हो गया। घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, फर्नीचर और रोजमर्रा का सारा सामान भी आग की भेंट चढ़ गया। शुरुआती अनुमान के मुताबिक इस हादसे में परिवार को करीब ढाई से तीन लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
हालांकि राहत की बात यह रही कि घर में मौजूद छोटे बच्चों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अब पीड़ित परिवार ने शासन और जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता और उचित मुआवजे की मांग की है, ताकि वे फिर से अपने जीवन की नई शुरुआत कर सकें। फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है और ग्रामीण परिवार की हरसंभव मदद की उम्मीद लगाए बैठे हैं।







