मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में बैंक लूट की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। यह कोई पेशेवर गैंग नहीं, बल्कि 15 साल से ऑटो पार्ट्स का कारोबार करने वाला एक कारोबारी निकला, जिसने करोड़ों के कर्ज से छुटकारा पाने के लिए बैंक लूटने की पूरी साजिश रच डाली।
आरोपी चंद्र प्रकाश लोखंडे पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये का कर्ज था। पुलिस के मुताबिक उसने पहले कई दिनों तक बैंक की रेकी की। फिर लगातार तीन दिन की छुट्टियों का फायदा उठाते हुए शुक्रवार रात बैंक में घुस गया। उसके पास गैस कटर, हथौड़ी, छेनी और अन्य औजार थे, जिनकी मदद से वह बैंक के लॉकर काटने में जुट गया।
हैरानी की बात यह है कि आरोपी करीब 34 घंटे तक बैंक के अंदर ही मौजूद रहा और लगातार लॉकर तोड़ने की कोशिश करता रहा। लेकिन जब पुलिस को भनक लगी और टीम मौके पर पहुंची, तब उसने खुद को बचाने के लिए सुतली बम में आग लगा दी। धमाका हुआ और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
पुलिस के अनुसार आरोपी की योजना सिर्फ भागने की नहीं थी। उसने ऐसी व्यवस्था भी कर रखी थी जिससे पीछा करने वाले पुलिसकर्मी आग की चपेट में आ सकते थे। हालांकि पुलिस ने साहस और सूझबूझ दिखाते हुए पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया।
इस दौरान सब-इंस्पेक्टर नारायण बघेल घायल भी हुए, लेकिन उन्होंने पीछे हटने के बजाय आरोपी का पीछा जारी रखा और आखिरकार उसे दबोच लिया। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश में कोई और शामिल था या नहीं।
फिलहाल इस सनसनीखेज मामले ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि आखिर आर्थिक संकट इंसान को किस हद तक अपराध की राह पर ले जा सकता है।
फिलहाल इस खबर में इतना ही। ऐसी ही बड़ी और भरोसेमंद खबरों के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।







