मध्य प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI का खतरनाक दुरुपयोग सामने आया है। उज्जैन और भोपाल से आए दो मामलों ने यह साबित कर दिया कि अब सिर्फ एक फोटो से किसी की जिंदगी बर्बाद करने की साजिश रची जा सकती है।
पहला मामला उज्जैन का है, जहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही एक छात्रा की तस्वीर को AI तकनीक से एडिट कर अश्लील डीपफेक वीडियो बनाया गया। इसके बाद वीडियो सोशल मीडिया और गांव के व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल कर दिया गया। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि यह पूरी साजिश छात्रा के ही रिश्तेदार ने उसके पिता को समाज में बदनाम करने के इरादे से रची थी।
जांच में यह भी सामने आया कि सरकारी रिकॉर्ड से छात्रा की तस्वीर एक महिला बीएलओ ने आरोपियों तक पहुंचाई। उसी फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो तैयार किया गया। इस मामले में पुलिस ने पांच में से चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
वहीं राजधानी भोपाल में भी डीपफेक का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। शादी से इनकार करने पर एक युवती ने युवक की मां और 18 वर्षीय बहन की तस्वीरों को AI से एडिट कर अश्लील फोटो और वीडियो तैयार किए और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। मकसद था पूरे परिवार को बदनाम करना और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना।
इन दोनों घटनाओं ने साफ कर दिया है कि AI और डीपफेक जैसी आधुनिक तकनीक जहां सुविधाएं दे रही हैं, वहीं गलत हाथों में पहुंचकर किसी की प्रतिष्ठा और भविष्य को भी बर्बाद कर सकती हैं। पुलिस लोगों से अपील कर रही है कि ऐसे फर्जी वीडियो या तस्वीरें बिना पुष्टि के साझा न करें और किसी भी संदिग्ध सामग्री की तुरंत शिकायत करें।







