पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है। तृणमूल कांग्रेस को अब अपने ही सांसदों की बगावत का सामना करना पड़ रहा है। दावा किया जा रहा है कि लोकसभा में पार्टी के 28 सांसदों में से 20 सांसदों ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला कर लिया है।
सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंपकर अलग बैठने की मांग भी की है। पूर्व टीएमसी नेता काकोली घोष दस्तीदार ने भी इस दावे को हवा देते हुए कहा कि सांसदों ने अपनी राजनीतिक दिशा बदलने का फैसला कर लिया है।
कोलकाता में टीएमसी सांसद शताब्दी रॉय के आवास पर बागी सांसदों की अहम बैठक जारी है, जिसमें कई सांसद शामिल बताए जा रहे हैं। वहीं बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी सांसदों से मुलाकात करने पहुंचे, जिससे सियासी हलचल और तेज हो गई है।
इससे पहले कुछ सांसदों ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के बंगाल प्रभारी भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात की थी। अगर यह दावा सही साबित होता है, तो यह सिर्फ टीएमसी ही नहीं, बल्कि ममता बनर्जी की राजनीति के लिए भी अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जाएगा।







