बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बार फिर अपने बयान से चर्चा छेड़ दी है। गुजरात के राजकोट में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को अब केवल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नहीं, बल्कि हिंदुत्व इंटेलिजेंस (HI) की भी आवश्यकता है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुत्व इंटेलिजेंस का मतलब समाज में आपसी सहयोग, एकता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने सुझाव दिया कि संपन्न हिंदू परिवार और उद्योगपति गरीब हिंदुओं का हाथ थामें, उन्हें रोजगार के अवसर दें और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में योगदान करें।
उन्होंने बड़े व्यापारियों और फैक्ट्री मालिकों से अपील करते हुए कहा कि अधिक से अधिक हिंदुओं को रोजगार दिया जाए ताकि बेरोजगारी कम हो और समाज मजबूत बने। शास्त्री ने युवाओं को नशे से दूर रहने और धार्मिक कथाओं एवं संस्कारों से जुड़ने का संदेश भी दिया।
उन्होंने जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर हिंदू एकता के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया और कहा कि भारत की असली ताकत उसकी अनेकता में एकता की भावना है। शास्त्री के इस बयान को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में नई बहस शुरू हो गई है।







