छतरपुर जिले के हरपालपुर से जुड़ा एक परिवार ऐसी त्रासदी का शिकार हुआ है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। महज 11 दिनों के भीतर परिवार के तीन सदस्यों की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पहले चार वर्षीय बेटे और फिर पत्नी को खोने के गहरे सदमे में जी रहे 40 वर्षीय सुब्हान अहमद ने भी आखिरकार जिंदगी की जंग हार दी।
बताया जा रहा है कि शुक्रवार तड़के करीब चार बजे सुब्हान अपनी पत्नी और मासूम बेटे की कब्र पर पहुंचे थे। घंटों बीत जाने के बाद जब वह घर नहीं लौटे तो परिजन उन्हें तलाशते हुए कब्रिस्तान पहुंचे। वहां का दृश्य देखकर सभी स्तब्ध रह गए। सुब्हान अचेत अवस्था में पत्नी और बेटे की कब्र के बीच पड़े थे। उनका एक हाथ बेटे की कब्र पर और दूसरा हाथ पत्नी की कब्र पर रखा हुआ था, मानो वह अपने बिछड़े अपनों को आखिरी बार महसूस कर रहे हों।
परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार पर दुखों का ऐसा पहाड़ टूट पड़ा है, जिसकी भरपाई शायद कभी नहीं हो सकेगी। सुब्हान के तीन मासूम बच्चे अब हमेशा के लिए अनाथ हो गए हैं। पूरे क्षेत्र में इस घटना की चर्चा है और हर कोई इस परिवार के दर्द को देखकर भावुक हो उठा है।







