दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर देवोस्मिता पॉल की मौत ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। पूर्वी दिल्ली के वसुंधरा एन्क्लेव स्थित फ्लैट में उनका शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद पुलिस जांच में जुट गई है।
45 वर्षीय देवोस्मिता पॉल अपने फ्लैट में अकेली रहती थीं। गुरुवार सुबह जब उन्होंने अपनी बहन देवरति पॉल के फोन कॉल्स का जवाब नहीं दिया, तो चिंता बढ़ गई। बहन जब फ्लैट पहुंचीं तो दरवाजे पर बाहर से ताला लगा मिला। ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर उन्होंने देवोस्मिता को मृत अवस्था में पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस, क्राइम ब्रांच और फोरेंसिक टीम ने फ्लैट की बारीकी से जांच की। पूरे घटनास्थल की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत की असली वजह सामने आ सकेगी।
पुलिस के अनुसार, देवोस्मिता की निजी जिंदगी पिछले कुछ वर्षों से तनावपूर्ण चल रही थी। वर्ष 2017 में हुई शादी के बाद वैवाहिक संबंधों में लगातार विवाद बढ़ता गया और 2022 में वह अपने पति से अलग हो गईं। तब से वह दिल्ली में अकेली रह रही थीं, जबकि उनके पति बेंगलुरु में रहते हैं।
फिलहाल पुलिस हत्या समेत सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक किसी संदिग्ध का सुराग नहीं मिला है। सवाल यह है कि आखिर एक प्रोफेसर की जिंदगी का अंत इस रहस्यमयी तरीके से कैसे हुआ? इसका जवाब अब जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ही दे पाएगी।







