मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही मौसम ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। करीब 70 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी के कारण शहरभर में 200 से ज्यादा स्थानों पर पेड़ और टहनियां गिर गईं, जिससे कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित रहा। तेज हवाओं का असर बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा और लगभग 300 बिजली फीडर पूर्ण या आंशिक रूप से प्रभावित हो गए, जिससे कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही।
वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में भी मौसम का असर देखने को मिला। शाजापुर में ओलावृष्टि हुई, जबकि सीहोर के इछावर में झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के 29 जिलों में आंधी और बारिश दर्ज की गई। श्योपुर में सबसे अधिक करीब पौने दो इंच बारिश रिकॉर्ड हुई, जबकि भोपाल, नर्मदापुरम और राजगढ़ में भी अच्छी बारिश हुई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार मानसून सामान्य समय से 5 से 7 दिन देरी से मध्य प्रदेश पहुंचेगा और 20 से 22 जून के बीच इसकी एंट्री होने की संभावना है। ऐसे में प्रदेशवासियों को अभी कुछ दिन और प्री-मानसून के बदलते मौसम का सामना करना पड़ सकता है।







