ग्वालियर में पुलिस ने एक ऐसे हाईटेक चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी किसी क्राइम थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हैरानी की बात यह है कि इस गैंग का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि कम्प्यूटर इंजीनियरिंग का छात्र निकला।
इंदरगंज थाना पुलिस ने गिरोह के दो और सदस्यों को गिरफ्तार कर करीब 94 लाख 25 हजार रुपए का चोरी गया माल बरामद किया है। बरामदगी में बड़ी मात्रा में सोना, चांदी और नकदी शामिल है। पुलिस इसे इस साल की सबसे बड़ी रिकवरी बता रही है।
जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड विवेक प्रजापति ने जल्दी अमीर बनने की चाहत में अपराध का रास्ता चुना। उसने तकनीक की जानकारी का इस्तेमाल करते हुए एक संगठित गैंग खड़ा किया और सूने मकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। गिरोह के सदस्य डिजिटल माध्यमों और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर पुलिस की नजरों से बचते हुए वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस के मुताबिक, यह गैंग पहले रेकी करता, मकान मालिकों की गतिविधियों पर नजर रखता और फिर मौका मिलते ही लाखों की चोरी को अंजाम देता था। लेकिन आखिरकार पुलिस की जांच और लगातार निगरानी ने इस हाईटेक गैंग के पूरे नेटवर्क को बेनकाब कर दिया।
अब सवाल यह है कि पढ़ाई और करियर की राह छोड़कर अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले ऐसे युवाओं को आखिर कौन सी सोच इस अंधे रास्ते पर ले जा रही है? फिलहाल पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है।







