एकांत में 21 दिनों की साधना पूरी करने के बाद बद्रीनाथ धाम से कथा कर रहे पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने देश के आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर बेबाक राय रखकर नई चर्चा छेड़ दी है। अपने खास अंदाज में उन्होंने बेरोजगारी, भारतीय रुपए की स्थिति और नेताओं के खर्चों को लेकर तीखी टिप्पणी की।
सोशल मीडिया पर चर्चा में चल रही ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का जिक्र करते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भारत में अब ऐसे हालात बन गए हैं कि जिन कॉकरोचों से लोग डरते हैं, उनकी भी पार्टियां बन रही हैं। उन्होंने इसे युवाओं में बढ़ती बेरोजगारी और भटकती ऊर्जा से जोड़ते हुए चिंता जताई।
भारतीय रुपए की कमजोरी पर उन्होंने कहा कि उनका सपना है कि एक दिन भारत का रुपया इतना मजबूत बने कि दुनिया भारत की आर्थिक ताकत को स्वीकार करे। उन्होंने युवाओं को अधिक मेहनत और कमाई के लिए प्रेरित करते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर दिया।
पेट्रोल-डीजल बचाने की अपीलों पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केवल आम जनता से ईंधन बचाने की अपेक्षा करना पर्याप्त नहीं है। बड़े नेताओं और वीआईपी व्यवस्थाओं में होने वाले ईंधन खर्च पर भी नियंत्रण होना चाहिए। साथ ही उन्होंने सुझाव दिया कि आर्थिक चुनौतियों के दौर में नेताओं के वेतन में अस्थायी कटौती जैसे कदमों पर भी विचार किया जा सकता है।
धीरेंद्र शास्त्री के इन बयानों के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। समर्थक उनकी स्पष्टवादिता की सराहना कर रहे हैं, जबकि कई लोग इसे नेताओं के लिए सीधा संदेश मान रहे हैं। बद्रीनाथ धाम से निकली यह टिप्पणी अब राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई है।







