इंदौर में एक बुजुर्ग दंपती की आंखों में आखिरकार राहत के आंसू दिखाई दिए। लंबे समय से अपने ही बेटे और बहू की प्रताड़ना झेल रहे इस वृद्ध दंपती को प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। कलेक्टोरेट में आयोजित वृद्धजन विशेष जनसुनवाई के दौरान एसडीएम कोर्ट ने भरण-पोषण अधिनियम के तहत बड़ा फैसला सुनाते हुए छोटे बेटे के परिवार को मकान का हिस्सा खाली करने के आदेश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि बुजुर्ग दंपती काफी समय से मानसिक तनाव और पारिवारिक उत्पीड़न का सामना कर रहे थे। कई बार समझाइश के बावजूद हालात नहीं सुधरे, जिसके बाद उन्होंने प्रशासन की शरण ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया और एक सप्ताह के भीतर मकान खाली कर बुजुर्गों को कब्जा सौंपने के निर्देश जारी कर दिए।
इस फैसले को वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। प्रशासन का यह कदम उन बुजुर्गों के लिए भी उम्मीद बना है, जो अपनों के बीच ही उपेक्षा और प्रताड़ना का शिकार हो रहे हैं।







