पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। नई सरकार ने ममता बनर्जी शासनकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के मामलों की जांच कराने का ऐलान किया है। इसके लिए दो अलग-अलग आयोग बनाए जाएंगे, जिनकी अध्यक्षता कलकत्ता हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज करेंगे। सरकार का कहना है कि सभी मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाएगी ताकि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। इस फैसले को राज्य की राजनीति में बड़े प्रशासनिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
महिलाओं को हर महीने 3000 रुपए, मुफ्त बस यात्रा और नौकरी की उम्र सीमा बढ़ी
पश्चिम बंगाल सरकार ने आम जनता और कर्मचारियों के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। सरकार ने इमाम, मुअज्जिन और पुजारियों को दिए जाने वाले मानदेय को 1 जून से बंद करने का फैसला किया है। वहीं महिलाओं के लिए अन्नपूर्णा योजना के तहत हर महीने 3000 रुपए देने और मुफ्त बस यात्रा शुरू करने का ऐलान किया गया है। इसके अलावा राज्य सरकार की नौकरियों में अधिकतम आयु सीमा को पांच साल बढ़ा दिया गया है। सरकार ने सातवां वेतन आयोग गठित करने और OBC सूची में बदलाव जैसे अहम फैसलों की भी घोषणा की है।







