पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीति को नई दिशा दे दी है। सबसे बड़ा उलटफेर पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां पहली बार भारतीय जनता पार्टी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने जानकारी दी है कि नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को आयोजित किया जाएगा।
दिलचस्प बात यह है कि इसी दिन महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती भी मनाई जाएगी। बंगाली कैलेंडर के अनुसार यह दिन 25 वैशाख होता है, जो हर साल मई के दूसरे सप्ताह में पड़ता है। ऐसे में यह शपथ ग्रहण सांस्कृतिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से खास माना जा रहा है।
बंगाल में विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं असम में नेतृत्व तय करने की जिम्मेदारी भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को सौंपी गई है। इससे साफ है कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व इन राज्यों में सरकार गठन को लेकर बेहद गंभीर है।
इस बीच पश्चिम बंगाल की फरक्का सीट से कांग्रेस उम्मीदवार मोताब शेख की जीत ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। चुनाव से कुछ हफ्ते पहले उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया था, जिससे बड़ा विवाद खड़ा हो गया था। हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद उनका नाम दोबारा जोड़ा गया और अब उनकी जीत को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की मजबूती के रूप में देखा जा रहा है।







