मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की राज्य सेवा और राज्य वन सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 रविवार को प्रदेशभर में शांतिपूर्ण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच आयोजित की गई। परीक्षा दो सत्रों में संपन्न हुई, जिसमें पहला सत्र सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरा सत्र दोपहर 2:15 बजे से शाम 4:15 बजे तक चला। इस बार परीक्षा पूरी तरह ओएमआर पद्धति से कराई जा रही है।
प्रदेश के 54 जिला मुख्यालयों में कुल 365 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां हजारों अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी चेकिंग लागू की गई। इसमें सबसे पहले फिजिकल चेकिंग, उसके बाद बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और अंत में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) से जांच की गई।
हर अभ्यर्थी को इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 5 से 7 मिनट का समय लगने के कारण परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्टिंग टाइम 90 मिनट पहले निर्धारित किया गया था। साथ ही परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले ही प्रवेश बंद कर दिया गया, ताकि समय पर प्रक्रिया पूरी की जा सके।
जांच व्यवस्था को संवेदनशीलता के साथ लागू किया गया। पुरुष अभ्यर्थियों की जांच पुरुष स्टाफ और महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ द्वारा की गई, जबकि ट्रांसजेंडर अभ्यर्थियों को अपनी सुविधा के अनुसार विकल्प प्रदान किया गया।
परीक्षा के दौरान सख्त नियम लागू रहे। अभ्यर्थियों को केवल बॉलपेन, पारदर्शी पानी की बोतल, ई-एडमिट कार्ड और वैध पहचान पत्र ले जाने की अनुमति दी गई। अन्य किसी भी वस्तु को परीक्षा केंद्र में ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहा।
कुल मिलाकर, MPPSC प्रारंभिक परीक्षा 2026 कड़े प्रबंधों और सुव्यवस्थित संचालन के साथ सफलतापूर्वक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन की तैयारियों और निगरानी व्यवस्था की झलक साफ दिखाई दी।







