शादी की उम्र बढ़ना, असुरक्षित संबंध और सामान्य समझी जाने वाली किसिंग… ये सब आज की लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुके हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही आदतें शरीर में ऐसे वायरस को जगह दे सकती हैं, जो सालों तक बिना लक्षण के रहकर कैंसर जैसी घातक बीमारी की नींव रख देते हैं?
एम्स भोपाल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान टाटा मेमोरियल अस्पताल के वरिष्ठ कैंसर विशेषज्ञ ने इस खामोश खतरे पर गंभीर चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि कुछ आम वायरस इतने शातिर होते हैं कि व्यक्ति को बीमार किए बिना शरीर के भीतर बदलाव शुरू कर देते हैं। जब तक लक्षण सामने आते हैं, तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
विशेषज्ञ के मुताबिक ह्यूमन पैपिलोमा वायरस यानी HPV, एपस्टीन-बार वायरस और हेपेटाइटिस जैसे संक्रमण सामाजिक संपर्कों और असुरक्षित शारीरिक संबंधों के जरिए फैल सकते हैं। इनमें से कुछ वायरस मुंह, गले, गर्भाशय ग्रीवा और लिवर के कैंसर से जुड़े पाए गए हैं।
उन्होंने साफ किया कि हर किसिंग या हर संबंध से कैंसर नहीं होता, लेकिन जागरूकता की कमी और सुरक्षा को नजरअंदाज करना जोखिम को कई गुना बढ़ा देता है। देर से शादी होने पर कई बार मल्टीपल पार्टनर का चलन भी बढ़ता है, जिससे वायरस के संपर्क की संभावना ज्यादा हो जाती है।
कार्यक्रम में डॉक्टरों ने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों से नहीं, बल्कि सही जानकारी से फैसले लें। सुरक्षित संबंध, समय-समय पर जांच और वैक्सीनेशन जैसे कदम इन खामोश वायरस को समय रहते रोक सकते हैं।
क्योंकि कैंसर अक्सर शोर मचाकर नहीं आता—वो चुपचाप आता है, और जिंदगी बदल देता है।







