
धार जिले की ऐतिहासिक भोजशाला में आज एक बार फिर ऐसा दृश्य देखने को मिला, जो बीते करीब दस वर्षों से नजर नहीं आया था। बसंत पंचमी के पावन अवसर पर जहां एक ओर हिंदू समाज द्वारा परंपरागत रूप से पूजा-पाठ किया गया, वहीं उसी दिन मुस्लिम समुदाय ने भी शांतिपूर्ण तरीके से नमाज अदा की।
प्रशासन की सख्त निगरानी और व्यापक सुरक्षा इंतजामों के बीच दोनों धार्मिक गतिविधियां सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भोजशाला परिसर और आसपास के क्षेत्रों में करीब 8 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके साथ ही ड्रोन कैमरों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सतर्कता बरती गई थी। सभी गतिविधियां निर्धारित समय और नियमों के तहत कराई गईं। पूरे आयोजन के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति सामने नहीं आई।
भोजशाला में एक ही दिन पूजा-पाठ और नमाज का यह दृश्य न सिर्फ ऐतिहासिक रहा, बल्कि आपसी सौहार्द और प्रशासनिक सतर्कता का भी उदाहरण बन गया।







